कलेक्ट्रेट
जिला प्रशासन में कलेक्ट्रेट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जिले का प्रमुख एक कलेक्टर होता है, जो IAS या NCS कैडर से आता है। अपने अधिकार क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वह जिला मजिस्ट्रेट (DM) या उपायुक्त (Deputy Commissioner) के रूप में कार्य करता है। उसका मुख्य कार्य योजना और विकास, कानून-व्यवस्था, अनुसूचित क्षेत्रों, आम चुनावों और शस्त्र लाइसेंसिंग आदि से संबंधित मामलों को संभालना होता है।
अतिरिक्त उपायुक्त (Additional Deputy Collector), जो IAS या NCS कैडर से होते हैं, जिले में विभिन्न कानूनों के तहत राजस्व प्रशासन का संचालन करते हैं। उन्हें अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) या अतिरिक्त उपायुक्त के रूप में भी जाना जाता है। वे मुख्य रूप से नागरिक आपूर्ति, भूमि संबंधी मामलों और आपदा प्रबंधन का कार्य देखते हैं, तथा अपने अधिकार क्षेत्र में टाउन काउंसिल के प्रमुख भी होते हैं।
विकास और सदर (Sadar) मामलों के उप-विभागीय अधिकारी (Sub-Divisional Officer) विकास और सदर से जुड़े कार्यों की देखरेख करते हैं।
मुख्यालय, विकास और सदर मामलों के अतिरिक्त सहायक आयुक्त (Extra Assistant Commissioner) भी कलेक्ट्रेट का ही हिस्सा होते हैं।